मधुमेह का रोग(DIABETES) madhumeh ka rog - part-2 Dr.Amit Jain

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मधुमेह  के रोग में विभिन्न  हर्बल 
औषधियों से उपचार 

 बरगद :

  • 24 ग्राम बरगद के पेड़ की छाल लेकर जौकूट करें और उसे आधा लीटर पानी के साथ काढ़ा बना लें। जब चौथाई पानी शेष रहे, तब उसे आग से उतारकर छाने और ठंड़ा होने पर पीयें। इसे रोजाना 4-5 दिनों तक लगातार सेवन करने से मधुमेह रोग कम हो जाता है। इसका प्रयोग सुबह-शाम करें।
  • 20 ग्राम बरगद की छाल व जटा के जौकूट चूर्ण को 500 मिलीलीटर  जल में पकायें, अष्टमांश से भी कम बचे रहने पर उतारकर ठंड़ा होने पर छानकर लेने से लाभ होता है।

नीम :

  • नीम पर चढ़ी गिलोय, हालांकि अधिक कड़वी होती है, लेकिन लाभ भी ज्यादा करती है। ऐसी गिलोय 2 किलोग्राम लेकर छ: गुने पानी में 8 घंटे भिगोये रखें और भाप के द्वारा इसका रस निकालकर इसे रख लें। इस रस को 5 चम्मच, 3 ग्राम शहद और चौगुने गाय के दूध के साथ दिन में 3 बार नियमित पीयें। इसके सुबह-शाम सेवन से 4-5 सप्ताह में मधुमेह के रोग से लाभ होता है।
  • नीम की छाल के काढ़े को 10-20 मिलीलीटर नियमित रूप से सुबह-शाम पीने से मधुमेह के रोगी को लाभ मिलता है।
  • नीम के गुलाबी कोमल पत्तों को चबाकर रस चूसने से मधुमेह रोग से आराम मिलता है।
  • नीम की छाल को पत्थर पर घिसें, फिर उसी जगह मुर्दासन घिसें। इस लेप से प्रमेह (वीर्य) पिड़िकाओं में लाभ होता है।
  • चौथाई चम्मच नीम की पत्तियों का रस और दो बूंद लहसुन का रस दोनों को मिलाकर सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।

 बबूल :

  • बबूल की कोमल पत्तियां  लायें और उन्हें सिल पर पानी के साथ पीसें, साथ ही उसमें 4-5 कालीमिर्च भी डाल दें और छानकर पीयें। इससे भी मधुमेह में लाभ होता है। इसे सुबह-शाम प्रयोग में लायें।
  • बबूल के गोंद का चूर्ण 3 ग्राम पानी के साथ या गाय के दूध के साथ दिन में 3 बार रोजाना सेवन करने से मधुमेह रोग में लाभ पहुंचता है।

 जामुन :

  • जामुन की सूखी गुठलियों को 5-6 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ दिन में दो या तीन बार सेवन करने से मधुमेह रोग में लाभ होता है।
  • 15 दिन तक लगातार जामुन खाना चाहिए या जामुन की छाल या सूखी हुई जामुन का चूर्ण 20 ग्राम रोज खायें।
  • 30 ग्राम जामुन की नई कोपलें (पत्तियां) और 5 कालीमिर्च, पानी के साथ पीसकर सुबह-शाम पीने से मधुमेह में लाभ होता है।
  • जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर, कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को रोजाना सुबह-शाम 3-3 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
  • जामुन की गुठली का चूर्ण और सूखे करेले का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। 3 ग्राम चूर्ण रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह के रोग में फायदा होता है।
  • जामुन की भीतरी छाल को जलाकर भस्म (राख) बनाकर रख लें। रोजाना 2 ग्राम पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा कम होता है।
  • 12 ग्राम जामुन की गुठली और 1 ग्राम अफीम को पानी के साथ मिलाकर 32 गोलियां बना लें और इसे छाया में सुखाकर बोतल में भर लें। 2-2 गोली सुबह-शाम पानी के साथ खायें। खाने में जौ की रोटी और हरी सब्जी खाएं। चीनी एकदम न खायें। इससे मधुमेह में लाभ होता है।
  • 60 ग्राम जामुन की गुठली की गिरी पीस लें। 3-3 ग्राम पानी से सुबह-शाम सेवन करने से मधुमेह रोग से लाभ होता है।
  • 8-10 जामुन के फलों को 1 कप पानी में उबालें। फिर पानी को ठंड़ा करके उसमें जामुन को मथ लें। इस पानी को सुबह-शाम पीयें। यह मूत्र में शूगर को कम करता है।
  • 1 चम्मच जामुन का रस और 1 चम्मच पके आमों का रस मिलाकर रोजाना सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
  • जामुन के 4-5 पत्तों को सुबह के समय थोडे़-से सेंधानमक के साथ चबाकर खाने से कुछ दिनों में ही मधुमेह का रोग मिट जाता है।
  • जामुन के 4 हरे और नर्म पत्ते खूब बारीककर 60 मिलीलीटर पानी में रगड़कर छान लें। सुबह 10 दिन तक लगातार पीयें। इसके बाद इसे हर दो महीने बाद 10 दिन तक लें। जामुन के पत्तों का यह रस मूत्र में शक्कर जाने की परेशानी से बचाता है।
  • मधुमेह रोग के शुरुआत में ही जामुन के 4-4 पत्ते सुबह-शाम चबाकर खाने से तीसरे ही दिन मधुमेह में लाभ होगा।
  • 60 ग्राम अच्छे पके जामुन को लेकर 300 मिलीलीटर उबले पानी में डाल दें। आधा घंटे बाद मसलकर छान लें। इसके तीन भाग करके एक-एक मात्रा दिन में तीन बार पीने से मधुमेह के रोगी के मूत्र में शर्करा आना बहुत कम हो जाता है, नियमानुसार जामुन के फलों के मौसम में कुछ समय तक सेवन करने से रोगी को लाभ  हो जाता है।
  • जामुन की गुठली को छाया में सुखाकर चूर्ण बनाकर रोजाना सुबह-शाम 3 ग्राम ताजे पानी के साथ लेते रहने से मधुमेह दूर होता है और मूत्र घटता है। इसे करीब 21 दिन तक लें, इससे लाभ होगा।
  • आधा चम्मच जामुन की गुठली का चूर्ण शाम को पानी के साथ लेने से पेशाब में शर्करा आना कम हो जाता है।
  • जामुन की गुठली और करेले को सुखाकर समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसे एक चम्मच सुबह-शाम पानी के साथ फंकी लें। इससे मधुमेह में आराम आ जायेगा  
  • जामुन का सेवन रोजाना करें और गुठलियों का चूर्ण बनाकर रखें। उसे 5 ग्राम की मात्रा में रोज सेवन करें,।
  • 125 ग्राम जामुन रोजाना खाने से शूगर नियंत्रित हो जाता है।
    क्रमशः

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